बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक किसान दंपती उस समय हैरान रह गया, जब उनके बैंक खाते में 759 करोड़ 69 लाख 51 हजार 951 रुपये का बैलेंस दिखाई दिया। खेती के लिए खाद खरीदने की चिंता लेकर बैंक पहुंचे दंपती को अरबों रुपये का बैलेंस दिखा तो उनके होश उड़ गए। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी।
सरवनपुर गांव निवासी प्रेमशिला देवी और उनके पति मुसाफिर साहनी ने खेतों में खाद डालने के लिए अपने बेटे राहुल साहनी से रुपये मंगाए थे, जो कुवैत में रहकर काम करता है। बेटे ने खाते में पैसे भेजने की जानकारी दी थी, जिसके बाद दंपती शनिवार को लक्ष्मणपुर स्थित सेंट्रल बैंक की फ्रेंचाइजी पर रुपये निकालने पहुंचे, लेकिन अवकाश होने के कारण केंद्र बंद मिला।
जनसेवा केंद्र पर खुला करोड़ों का ‘राज’
इसके बाद दंपती पास के एक जनसेवा केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने आधार आधारित बैंकिंग सेवा के जरिए 10 हजार रुपये निकाले। लेनदेन के दौरान जब जनसेवा केंद्र संचालक ने खाते का बैलेंस देखा तो वह भी दंग रह गया। खाते में 759 करोड़ 69 लाख 51 हजार 951 रुपये का बैलेंस दर्ज था। इसकी जानकारी मिलते ही किसान दंपती भी घबरा गए।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्काल संज्ञान लिया। नरही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और किसान दंपती से नाम, पता समेत अन्य आवश्यक जानकारी जुटाई। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।
बैंक खुलने के बाद सामने आएगी सच्चाई
पुलिस का कहना है कि शनिवार को बैंक बंद होने के कारण यह पता नहीं चल सका कि खाते में इतनी बड़ी राशि किस स्रोत से दिखाई दी या यह तकनीकी गड़बड़ी का मामला है। बैंक खुलने के बाद खाते का पूरा रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। बैंक अधिकारियों के अनुसार जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह बैंकिंग सिस्टम की तकनीकी त्रुटि है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
बैंक अधिकारियों ने जांच का दिया भरोसा
सेंट्रल बैंक के अधिकारियों और अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) ने बताया कि बैंक खुलने के बाद पूरे मामले की विस्तार से जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही खाते में दिख रहे बैलेंस की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
